दुसरे दिन हुआ कुल तीन नाटको का मंचन,फैशन शो मे भविष्य के पहनावे की दिखी झलक
जनपद की एक मात्र रंग कर्म को समर्पित रंग संस्था अस्मिता नाट्य संस्थान व स्व०रंजन मेमोरियल सेवा समिति के सयुक्त तत्वाधान मे 27वें वर्ष मे नगर मे स्थित अग्रवाल सेवा संस्थान मे दोपहर की सभा मे स्व०चमेला देवी जी के स्मृति मे आयोजित कवि सम्मेलन व काब्यपाठ से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआकवि ईन्द्रजीत तिवारी निर्भीक व मुगलसराय के गीत मै चन्दौली हूं के रचइता सुरेश अकेला के नेतृत्व मे काब्य की रस धार बही काब्य पाठ करने वालो मे गोरखपुर पुर के नन्द लाल मणी त्रिपाठी,डा०ग्रीसपाण्डेय,डा०सुभाष चन्द्र और महिला कवियत्री मे चेतना त्रिपाठी, डा०झरना मुखर्जी डा०अनीता मिश्रा डा०गीता पाण्डेय सहित अन्य कवियो ने भी काब्य पाठ किया उसके बाद चले फैशन शो प्रतियोगिता मे मुख्य रुप से पधारी मिसेज इन्डिया 2024की विजेता डा०मधू यादव ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर आयोजक मण्डल को सफल कार्यक्रम की बनाई देते हुए कहा कि जनपद चन्दौली किसी मामले मे किसी भी अन्य जिले से कम नही है ऐस आयोजन जहा अन्य राज्य के कलाकार को बुलाकर के सांस्कृतिक कार्यक्रम कराना बहुत ही हिम्मत की बात है इसके अलावा उन्होने फैशन शो जुड़ी कूछ बारिकियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराने के साथ ही विजेता कलाकारो को पुरस्कार दिया.उसके बाद सन्तोष कुमार व आशीयां ने कमान सम्हाली गाने के माध्यम से और हाल तालियों से गंज उठा सान्ध्य वेला मे आज का पहला नाटक मणीपुर संस्था का नाटक कर्ण किया गयामहाभारत को केन्द्र मे रखकर लिखा व किया गया नाटक यू तो क्षेत्रिय दर्शको को भाषा न समझ आने के वावजूद अभिनय को देखकर नाटक मे तालीया बजाते रहे दुसरा नाटक रिया कल्चरल रिपारटरी आसाम का नाटक अग्नि घाट निर्देशन चन्दन बरूवा के आकार से किया गया !!जिसमे नदी के किनारे-किनारे रहने वाले और नाव चलाकार अपना जिवन यापन करने वाले नाविको की कहानी थीउसके बाद बलीया से चलकर आने वाली नाट्य दल का भोजपुरी नाटक भिखारी ठाकुर जी द्वारा लिखित कालजयी नाटक विदेशीया कियागयाजिसमे गावं से जब युवक कमाने जाता है और किसी और स्त्री के चक्कर मे पड़कर विवाह कर लेता है संगीतमय प्रस्तुति नाटक से दर्शको ने बहुत आनन्द लिया सान्ध्य की बेला नाट्य कर्मी/पत्रकार स्व०मजहर ईकवाल को समर्पित रही जिसमे उद्दघाटन कर्ता डा०आंन्नद श्रीवास्तव व टाटा जमशेदपुर झारखंड से पैदल खाटू श्याम की यात्रा करने वाले नायक व बिक्स का बिज्ञापन मे अपना अभिनय से योगदान देना वाले अभिनेता अमित राज ने सयुक्त रुप से मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण करते हूए कहा कि आज का युग फास्ट हो चला है फिर भी पूरानी परम्परा नाटक का ये संस्था जीवीत कर रक्खी हैं.मौके पर रंजन शाह, मनोज जायसवाल राजेश गुप्ता,मधू सिंह बिवेक संजीवन यादव विपीन अग्रहरि विजय गुप्ता, राकेश अग्रवाल, ओ०पी०चौबे 'डव्लू' गुड्डू विश्वकर्मा, राजू पासवान संचालन निक्की गुप्ता ने किया